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*उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई JSLPS की समीक्षा बैठक – ग्रामीण आजीविका, महिला उद्यमिता और प्रोसेसिंग यूनिट्स पर रहा मुख्य फोकस*

*उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई JSLPS की समीक्षा बैठक – ग्रामीण आजीविका, महिला उद्यमिता और प्रोसेसिंग यूनिट्स पर रहा मुख्य फोकस*

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दुमका: उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता एवं उपविकास आयुक्त की उपस्थिति में जेएसएलपीएस की मासिक समीक्षा बैठक कार्यालय कक्ष में आयोजित हुई।

बैठक में LOKOS पोर्टल पर CLF/VO स्तर की एंट्री की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सरैयाहाट, काठीकुंड एवं शिकारीपाड़ा प्रखंडों में लंबित कार्यों को शीघ्र सुधार कर पूर्ण करने का निर्देश दिया।

आजीविका गतिविधियों पर चर्चा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि आगामी सीजन में स्ट्रॉबेरी की खेती की तैयारी और समय पर रोपाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, रबी फसलों — हल्दी, अदरक और दलहन — को प्राथमिकता देते हुए महिला समूहों को खेती में अधिक से अधिक जोड़ने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने (कृषि एवं गैर कृषि) सफल किसानों की केस स्टडी तैयार कर अन्य किसानों को प्रेरित करने पर भी बल दिया। उपायुक्त ने कहा कि किसानों द्वारा उत्पादित फसलों की स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग एवं मूल्य संवर्धन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। सभी प्रखंडों में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को सक्रिय कर उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने पर जोर दिया गया।

इसके साथ ही उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सखी मंडलों द्वारा वर्तमान में उद्यमिता के तहत विपणन गतिविधियों पर कार्य किया जा रहा है, दुमका जिले में उत्पादों को प्रोसेसिंग कर विपणन करने की दिशा में ठोस पहल की जाए। उन्होंने इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए सभी प्रखंडों को आवश्यक संसाधन व सहयोग उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।

महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करते हुए ‘मईया सिलाई केंद्र’ में व्यवसायिक उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने कहा कि ‘दीदी की दुकान’ को इंटीरियर क्षेत्रों में भी खोला जाय।साथ ही, उन्होंने निर्देश दिया कि हाईवे पर भी जगह चिन्हित कर ‘दीदी का ढाबा’ खोला जाए, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन की सुविधा मिले और महिलाओं को रोजगार का अवसर भी उपलब्ध हो।

बैठक में बताया गया कि वर्तमान में जिले में कुल 97 ‘दीदी का ढाबा’ संचालित हो रहे हैं, जो ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इन ढाबों के संचालन की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि इनकी सेवाओं की गुणवत्ता बनी रहे।

उपायुक्त ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को बेहतर कार्य निष्पादन जारी रखने की अपील की और कहा कि —
“स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका ही आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है।”

बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक निशांत एक्का, सभी जिला प्रबंधक, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधकगण एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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